हमारे शरीर की एक प्राकृतिक घड़ी होती है। जब हम अपने भोजन, पानी और आराम को इसके अनुकूल बनाते हैं, तो हम रोज़मर्रा की भागदौड़ में भी बेहतर महसूस करते हैं।
सही समय पर भोजन करना शरीर को स्थिर ऊर्जा प्रदान करता है। बार-बार ब्रेकफ़ास्ट स्किप करने से बचें।
गर्मी और उमस में पर्याप्त पानी पीना एकाग्रता और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए सबसे आवश्यक है।
लंबे समय तक बैठे रहने (long sitting) के बीच कुछ कदम चलना शारीरिक जड़ता और सुस्ती को कम करता है।
7-8 घंटे की गहरी नींद शरीर को अगले दिन के लिए रीसेट करने का सबसे प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है।
हमारी आधुनिक जीवनशैली में लगातार कुर्सी पर बैठना और स्क्रीन के सामने समय बिताना आम है। ऐसे में हमारी ऊर्जा का ग्राफ दिन भर ऊपर-नीचे होता रहता है।
भारत में चाय ब्रेक (Chai Break) एक महत्वपूर्ण सामाजिक और रिफ्रेशिंग गतिविधि है। हालांकि, चाय के साथ बहुत अधिक बिस्किट या मीठे स्नैक्स का नियमित सेवन धीरे-धीरे हमारी भूख के प्राकृतिक चक्र को प्रभावित कर सकता है।
सुबह का नाश्ता छोड़ना या जल्दबाजी में कुछ भी खा लेना। यह दोपहर से पहले ही थकान का कारण बनता है। घर का बना हल्का नाश्ता दिन की अच्छी शुरुआत है।
भारी लंच के बाद ऑफिस डेस्क पर नींद आना। यह शरीर की पाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। इस समय थोड़ा टहलना या पानी पीना मददगार हो सकता है।
लंबे सफर (long commute) के दौरान ट्रैफिक और शोर से मानसिक थकान। इस समय शरीर को आराम और शांति की आवश्यकता होती है, न कि तुरंत भारी जंक फूड की।